बादल होस्टिंग सबसे नवीन क्लाउड कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों कि मशीनों के असीमित संख्या में एक प्रणाली के रूप में कार्य करने की अनुमति पर आधारित है । अंय होस्टिंग समाधान (साझा या समर्पित) एक ही मशीन पर निर्भर करते हैं, जबकि बादल होस्टिंग सुरक्षा कई सर्वरों द्वारा की गारंटी है । क्लाउड प्रौद्योगिकी ऐसे स्थान या रैम के रूप में अतिरिक्त संसाधनों, के आसान एकीकरण की अनुमति देता है और इस तरह वेबसाइट विकास में सक्षम बनाता है ।
अलग सर्वर लगाने में कम से 22 लाख का खर्च था, इसलिए एनआईसी दिल्ली से वार्ता की। शुरू में उन्हें बताया गया कि यूपी में किसी विवि को एनआईसी ने अब तक अपना सर्वर नहीं दिया है मगर अंतत: बात बन गई और एनआईसी सर्वर उपलब्ध कराने को राजी हो गया। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि एनआईसी दिल्ली ने सर्वर पर जगह दे दी है। इसके बदले कुछ किराया देना पड़ेगा। मार्च से संयुक्त प्रवेश परीक्षा का काम इसी सर्वर पर किया जाएगा।
क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया आयाम है। इस नए आयाम से करियर के भी कई रास्ते खुलने लगे हैं। साथ ही, यह लोगों का इंटरनेट संबंधी डाटा मैनेज करने में भी मददगार है। अब कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़ी हर सर्विस की पूलिंग सीधे क्लाउड्स से जुड़े हुए सर्वर के जरिए हो सकेगी। क्लाउड कंप्यूटिंग यूजर्स के लिए किसी हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होगी। एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2015 तक भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग में एक लाख लोगों को नौकरियां मिल सकती हैं।
Last के कुछ सालो मे web hosting मे बहुत से changes देखने को मिल रहे है और इन नए changes मे cloud web hosting, web hosting की तेजी से उभरती हुई service and trend है जो की worldwide different business use करते है | Cloud hosting के grow होने का reason traditional web hosting (shared hosting, VPS and dedicated) के different issues है जैसे की performance, cost etc | 
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