All formula entries begin with an equal sign (=). For simple formulas, simply type the equal sign followed by the numeric values that you want to calculate and the math operators that you want to use  — the plus sign (+) to add, the minus sign (-) to subtract, the asterisk (*) to multiply, and the forward slash (/) to divide. Then, press ENTER, and Excel instantly calculates and displays the result of the formula.
It's after 2am and I have just registered on IMDb after watching the first ep of Sherlock as I was compelled to get it out there that this show presents some PURE BRILLIANCE in its delivery of my favourite fictional detective. Hard to believe they could create a setting in modern times where the illustrious Holmes and Watson set off on their adventures and absolutely GET IT RIGHT, in every aspect. Sir Arthur would, I believe, approve of this adaptation and be pleased that yet another generation is able to live the thrill of the chase, the connection of obscure yet obvious (to a genius) clues... the little things that have a far greater relevance than you would normally perceive. For a first episode... BUGGER ME, I am more than hooked and now await more installments and hope that each episode is as brilliant as the last... I have a feeling it will continue from strength to strength as we delve deeper into the darkness that is the mind of Sherlock Holmes. if they had an 11 out of 10 rating... that's my vote. The game is definitely on my dear Watson!
सॉफ्टवेयर एक सेवा के रूप (सास) - इस मॉडल में आप आवेदन सॉफ्टवेयर पाने के लिए या भी मांग पर-सॉफ्टवेयर के रूप में जाना जाता है। आप स्थापित करें, स्थापना या आवेदन विन्यस्त करने के लिए नहीं है। आप सिर्फ वेतन और सेवा का उपयोग करने की जरूरत है। सॉफ्टवेयर के साथ किसी भी मुद्दे प्रदाता द्वारा ध्यान रखा जाएगा। तुम सिर्फ एक सेवा के रूप में उपयोग कर सकते हैं। सास के लिए एक उदाहरण Google Apps, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 365 आदि है
चाईबासा स्थित मुख्यालय से लेकर ग्रेजुएट कॉलेज के शाखा कार्यालय तक में कई बदलाव होंगे। इसके तहत केयू प्रशासन ने विद्यार्थियों को जारी होने वाले कागजात क्लाउड सर्वर पर रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होते ही विद्यार्थी कहीं से अपने सर्टिफिकेट आदि डाउनलोड कर सकेंगे। वीसी डॉ शुक्ला मोहंती ने बताया- अगले तीन माह में विद्यार्थियों को परीक्षाफल और नामांकन से जुड़े कागजात क्लाउड सर्वर के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इसी माह केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सभी यूनिवर्सिटी को डिजिटलाइजेशन के लिए निर्देश दिया है। केयू में इसका अनुपालन शुरू हो चुका है। परीक्षाफल प्रकाशन के साथ टेबुलेशन वर्क के कंप्यूटराइजेशन के लिए भारत सरकार के उपक्रम के साथ तकनीकी परामर्श के लिए करार हो चुका है।

<एक href="https://translate.googleusercontent.com/translate_c?depth=1&hl=en&prev=search&rurl=translate.google.co.in&sl=hi&u=https://twitter.com/videowhisper&usg=ALkJrhjgmtnjmZZS0ynbmxy-uvWI-fvkRA" वर्ग = "चहचहाना का पालन-बटन WPT-सही" डेटा-चौड़ाई = "30px" डेटा-शो-स्क्रीन नाम = "झूठे" डेटा-आकार = "बड़े" डेटा-शो-गिनती = "झूठे" डेटा-लैंग = "एन"> Followvideowhisper


In this new series Dr. Watson used to be a Captain (and medical doctor) serving with the 5th Northumberland Fusiliers deployed to Afghanistan. The 5th Northumberland Fusiliers did indeed serve in Afghanistan in the Second Afghan-Anglo war (1878-1880). The first story of the old Sherlock Holmes series took place in 1881. The 5th Northumberland Fusiliers, however, was renamed into the "The Northumberland Fusiliers" in the year 1881 (no 5th left in title), which means the modern Dr. Watson service with the 5th Northumberlands is a nod to its old heritage. The former 5th Northumberlands evolved into its last formation named "Royal Northumberland Fusiliers" and was amalgamated in 1968. Watsons current Regiment would be 'The Royal Regiment Of Fusiliers', with whom have served in Afghanistan multiple times over the past 16 years. See more »
क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया आयाम है। इस नए आयाम से करियर के भी कई रास्ते खुलने लगे हैं। साथ ही, यह लोगों का इंटरनेट संबंधी डाटा मैनेज करने में भी मददगार है। अब कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़ी हर सर्विस की पूलिंग सीधे क्लाउड्स से जुड़े हुए सर्वर के जरिए हो सकेगी। क्लाउड कंप्यूटिंग यूजर्स के लिए किसी हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होगी। एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2015 तक भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग में एक लाख लोगों को नौकरियां मिल सकती हैं।

क्लाउड वेब होस्टिंग बनाम समर्पित वेब होस्टिंग < की तकनीक की जरूरत हाल के वर्षों में डिवाइस से निजी डोमेन के लिए डिवाइस में संग्रहीत डेटा लाया गया है मनुष्य के बीच जानकारी साझा करने की आवश्यकता आज दुनिया के एक महत्वपूर्ण हिस्से में वृद्धि हुई है: इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अपनी सामग्री के साथ-साथ अभिगम्यता के भंडारण की अनुमति देने के लिए, विभिन्न प्लेटफार्मों का उपयोग प्रस्तावित किया गया है और जनता के लिए तैयार किया गया है। इनमें से दो सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकियां बादल वेब होस्टिंग और समर्पित वेब होस्टिंग जैसा कि नाम बताते हैं, दोनों तरीकों से वर्ल्ड वाइड वेब (इंटरनेट) पर फाइलों के भंडारण का उल्लेख होता है दो तरीकों के बीच मुख्य अंतर को ध्यान में रखा गया है, जो प्रत्येक विधि की स्केलेबिलिटी है।
इस  होस्टिंग मे आपको एक पूरा सर्वर आपका होता  जिसमे सिर्फ आपका हक़ होता है उदाहरण के लिए जैसे की आपने एक नया घर ख़रीदा है जिसमे सिर्फ आपका हक़ होता है यानि की पूरी की पूरी बिल्डिंग आपका है इसमे जो भी घर के सामान वगेरा होंगे वो सर्फ आपके होंगे किसी और के नहीं, उसी तराह इस  होस्टिंग मे आपका  एक अपना अलग  सर्वर होता है जिसमे सिर्फ आपके वेबसाइट के फाइल्स ,फोटोज,और विडियो होंगे

Cloud hosting वो method है जिसमे customers की requirements के base पर customized online virtual servers create, modify एवं remove किये जा सकते है | Cloud hosting को website host, emails store करने के लिए एवं web-based services को distributed करने के लिए use मे लेते है | Cloud servers actually मे Physical server पर hosted virtual machines है जिन पर CPU, memory, storage आदि resources allocated करने के बाद client की requirement के according OS और दूसरे software configure किया जाते है | जब आप अपनी website को cloud पर host करते है तो website अपनी requirement के लिए, servers cluster के virtual resources को use करती है | 
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